जिला-कांकेर,छग
शीर्षक-छोटा शहर- कांकेर
विधा-कविता (मुक्त छंद)
मेरा शहर, छोटा शहर,
हर जरुरत की चीजें
मिल जाती आसानी से।
अमन, चैन ,भाई चारे
अौर अपनत्व से भरा है,
ये है तालाबों का शहर।।
आवागमन की रफ्तार है,
तेज चलते वाहन यहाँ।
धूल- धूसरित सड़कों वाला
है ये हादसों का शहर।
भालू घूमते हर रात यहाँ,
डर भरे सितारों का शहर।।
कत्थई पत्थरों वाले कई,
पहाड़ और पेड़ सघन।
नदी और झरनों के भरा,
कल-कल और झर-झर।
मधुर संगीत का शहर,
कांकेर मेरा छोटा शहर।।
मीराआर्ची चौहान
कांकेर,छग
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