Monday, November 23, 2020

उत्तरप्रदेश से माधवी मिश्रा की रचना- माँ

नाम-माधवी मिश्रा
पता-रोड लखनऊ, 226013
विधा-छन्द मुक्त/छन्द युक्त
शीर्षक-माँ  का तड़पन रोना देखा

माँ  का तडपन रोना देखा
टूटा स्वप्न सलोना देखा
रिश्तो का बस ढोना  देखा
घर का बिखरा सोना देखा

बस बिगड़ी तक्दीरें
देखीं कटी लकीरें

बेबस भाई भाई देखा
डन्डा पटक लडाई देखा
कायर की अन्गड़ाई  देखा
घटती बढ़ती खाई देखा

उल्टी सब तदबीरें
देखी कटी लकीरें

झूठ कपट गुण्डागर्दी की
नागफनो की थैली देखी
दम्भित जीवन शैली देखी
कोने कोने फैली देखी

जहर घुली तहृरीरें
देखी कटी लकीरें।

वस्त्र हीन  दुल्हन के जैसे
दुर्दिन की अरुणाई  देखी
मौतें बिना दवाई देखी
दुख से फटी रजाई देखी

भूखी नंगी तस्वीरें
देखी कटी लकीरें।



माधवी मिश्रा
लखनऊ

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