Monday, November 23, 2020

महासमुंद से पुष्पा गजपाल "पीहू" की रचना- मेरा भारत

नाम - पुष्पा गजपाल "पीहू"
जिला - महासमुन्द
राज्य - छत्तीसगढ़
विधा - कविता
विषय - "मेरा भारत महान क्यों"

उत्तर , दक्षिण , पूर्व, पश्चिम, 
        भारत  भूमि   आबाद।
नद ,नाले , सागर  लहरा कर ,
        बजाते   मधुरिम   नाद ।  
जहाँ  सूर्य  की पहिली  लाली ,
         भरते     मधुर  मुस्कान ।
पावन ,पुनीत  धरती  महके , 
         मेरा    भारत    महान ।।

पर्वत , घाटी  अम्बर  चूमे ,  
      दमके  वनों  की  पात ।
मौसम रँगीन लगे सुहावन , 
       है   बसंत   गुनगुनात । 
भोर भये  जहाँ  पँछी छेड़े  , 
       मधुमय सुरीली  तान । 
फसलों  से भू  लहराती है ,
        मेरा  भारत  महान ।।

त्योहारों में झूमे  जन - जन , 
        भानव    भाई    चारा ।
गाँव, गली ,घर द्वार सजे , 
         लगते  पावन   न्यारा।
रामायण,गीता या कुरान,
         सब का एक ही शान ।
संस्कृति विश्व वंदनीय है , 
         मेरा  भारत    महान ।।

एकता,अखंडता ,बंधुत्व ,
         विश्व प्रेम भरे भाव।
सौहार्द्रता , परोपकार का,
          सदा लहराता छाँव ।
मात पर अर्पण होने पूत ,
           छोड़े  सारा जहान ।
हिन्दू ,मुस्लिम भेद नही है, 
           मेरा  भारत  महान ।।

पुष्पा गजपाल "पीहू"
महासमुंद (छ. ग.)

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...