Saturday, November 7, 2020

बलौदाबाजार से संतराम कुम्हार की रचना- करवा चौथ

रचनाकार -  संतराम कुम्हार 
   जिला -  बलौदाबाजार (छ. ग.) 
     विधा - मुक्त कविता 
   शीर्षक - " करवा चौथ "
--------------------------------

ऐ! चाँद तुम कहाँ छुपे हो।
अपनों से तुम क्यों रुठे हो। 
इंतजार करुँ मैं और कितना, 
वादे के तुम बिल्कुल झूठे हो।। 
          जल्दी से तुम दर्शन दे जाना। 
          मेरे पिया को मुझसे मिलाना।। 

सुबह से न कुछ खायी-पीयी,
मुँह में न गया, बूंद भर पानी है। 
दीर्घायु अपने पति परमेश्वर की, 
सजना को भी तेरी उम्र लगानी है।। 
         ऐ! चाँद तुम जल्दी आ जाना। 
         लंबी उम्र का वरदान दे जाना।।

छलनी से करुँगी पति का दीदार। 
सलामत रखना हम दोनों का प्यार।
पूजा की थाली में, दीप है सजी, 
सुन ले मेरी विनती सुन ले मेरी पुकार। 
         मिलन में कोई देर न लगाना। 
         नभ में तुम जल्दी खिल जाना।। 
 
मेंहदी से सजी है मेरे दोनों हाथ।
सातों जनम रहे हमदम मेरे साथ। 
सांसों की डोर जुड़ी है साजन से मेरे,
जल पियूंगी अब उनके ही हाथ।। 
        बादल में कहीं छूप मत जाना। 
        चाँदनी से अपनी, पिया का चेहरा दिखाना।। 
                                                                
--------------****--------------

मौलिक रचना (स्वरचित) 
संतराम कुम्हार 
बलौदाबाजार (छ.ग.)

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...