जिला- रायगढ़,छत्तीसगढ़
विषय- दक्षता
विधा- मुक्त
*दक्षता*
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नव युग का आगाज करेंगे,कल नही हम आज करेंगे।
दक्षता का ताज पहनकर,हर सफलता पर राज करेंगे ।।
विचार मंथन की बात होगी,उन्नयन की शुरुवात होगी।
होंगे उन्नत कौशल सभी,नवोत्थान दिन रात करेंगे।।
दक्षता होगी तो विकास करेंगे,उत्कृष्टता की आस करेंगे।
गुणवत्ता ही सर्वोपरि है,जिन पर सभी विश्वास करेंगे।।
हर लक्ष्य से प्यार करेंगे,अशिष्टता का संहार करेंगे।
दक्षता के दिव्यदृष्टि से,बिन दर्पण श्रृंगार करेंगे।।
हर उलझन को दूर करेंगे,समस्या को मजबूर करेंगे।
जलाकर दक्षता की अग्निशिखा, तुच्छ कांच को कोहिनूर करेंगे।।
कुछ नया आविष्कार करेंगे,संकीर्ण को आकार करेंगे।
मृगतृष्णा की प्यास होगी,कस्तूरी में सपने साकार करेंगे।।
सहभागिता से हर काम करेंगे,हर सफलता अपने नाम करेंगे।
आत्मविश्वास से मन सुदृढ होगा,नव कलेवर से सुसज्जित जहान करेंगे।।
नये सोच को सलाम करेंगे,अब नही आराम करेंगे।
दक्षता से नवसृजन होगा,नये खोज से नव निर्माण करेंगे।।
मौलिक रचना
अजय पटनायक
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