Tuesday, November 3, 2020

जांजगीर-चांपा से गिरधारीलाल चौहान की रचना- खगोल विज्ञान

नाम -गिरधारीलाल चौहान
स्थान-नवापाराखुर्द/सक्ति
जिला --जांजगीर-चांपा/ छत्तीसगढ़
विधा--कविता मुक्त
विषय----खगोल विज्ञान
शीर्षक-अम्मा,पापा चांद

अम्मा मुझको चांद देखना है, दूरबीन मुझको चाहिए ।
खाली आंख से  कैसे देखूं,,आकाश गंगा बताइए ।

सूरज से भी बड़े-बड़े, 
यहां अनगिनत तारें है ।
एक से  एक चमकने वाले,
 इनके नजारे है  ।
धरती से आकाश की दूरी पूछूं, कोई मुझे बताइए ।

मां ने बताई सोलह लाख किलोमीटर,
क्यों पिताजी ठीक है ।
और बताई नासा ने खीची है तस्वीर ,
मेरे लिए नई सीख है ।

सर्वप्रथम चन्द्रमा की धरातल पर,
किसने कदम रखा था ।
क्या वहां जीवन है अभी,
मेरे मित्र ने पूछा था ।

सर्वप्रथम चन्द्रमा की धरातल पर,
एडविन आल्डिन ,आर्मस्ट्रॉन्ग ने कदम रखा था ।
चन्द्रमा पर अभी नहीं है जीवन,
अपने मित्र को बता देना ।

चन्द्रमा पर जाने वाली दो महिलाओं का
पापा आप नाम बताओ ।
मम्मी से अब नहीं पूछेंगे,
इतना समझ जाओ ।

चन्द्रमा की धरातल पर जाने वाली,
कल्पना चावला, सुनीता विलियम्स हैं ।
और कुछ पूछना है पूछो ,
तालियां खूब बजाओ ।

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