जिला- रायगढ़, छत्तीसगढ़
विधा- मुक्त
विषय-लहर
शीर्षक- लहरें देती सीख
=== लहरें ====
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लहरों के संग तुम भी बहना,आयेंगी हिलोरें हंस कर सहना।
रोकेंगे चट्टाने शैल भी,हाथ जोड़कर नमन कहना।।
निर्वाध गति से बढ़ते जाना,नवल राह गढ़ते जाना।
बाधाओं को लांघकर,हिम शिखा तोड़ चढ़ते जाना।।
सुनामी का कहर होगा,मुश्किल भरा डगर होगा ।
लड़ना होगा चक्रवात भँवर से,चलना हर पहर होगा।।
देखकर चलना राहों पर,रुकना दरख्तों के आहों पर।
सजा जीवन की बगिया को,रहना खुशियों की पनाहों पर।।
मंजिल की पहचान करना,मझधारों पर निशान करना।
डरना नही ज्वारों से कभी,साहिल को आह्वान करना।।
नहरों का आस बनना,हर नदियों का खास बनना।
बहना निर्मल निश्चल भाव से,सजीव सुंदर एहसास बनना।।
लहरों सा संगीत सुनाना,कोलाहल में पास बुलाना।
शांत चित्त शीतल होगी,ले भव सागर में सुलाना।।
मौलिक रचना
अजय पटनायक
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