सुंदरगढ़, ओडिशा
विधा-कविता
विषय-सफलता
एक लक्ष्य साध जो मंजिल पे चले
सफलता उसी को गले से लगाये
सफलता का पैमाना सबका अलग है
कोई कुटिया में खुश है
यो कोई महलों में अशांत
सफलता का कोई माप तौल नहीं
अपनी मंजिल को पा लेना ही बहुत है
सफलता ,असफलता का फासला बहुत कम है
जिसकी जितनी मेहनत ये उसी का फल है
नेता, अभिनेता,राजनेता या व्यवसायी
सिर्फ ये सफलता के नाम नहीं
जो दूसरों के काम आए वही
इंसान आदर्श और सफल है
सफल वही जो परिश्रम का मूल्य जाने
पथरीली राहों में भी रास्ता निकलना जाने
जो हर परिस्थिति में जूझना,सम्भलना जाने
सफलता का स्वाद भी वही पहचाने।
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