Thursday, November 19, 2020

कसडोल से चेतन सिंह की रचना- सफलता

रचनाकार -- चेतन सिंह
पता -------- कसडोल, छत्तीसगढ़
विषय ----- सफलता
शीर्षक ---- सफलता  ( गीत )
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अगर  सांसों का  सरगम संभल जायेगा !
मौत डरकर ,  बगल  से निकल जायेगा !
तू    कोशिश  तो  कर , जरा पूरे दिल से ,
आंधियों में भी तेरा , दिया जल जायेगा !

यूं   न  सोच  तुमको , ही ज्यादा  ग़म है !
मेरा   ग़म   भी  कहॉ ,  तुमसे   कम  है !
ले     उड़ा    जो   मेरा ,  आशियां   भी , 
हवाओं का देखो तो , ये कैसा सितम है !
चले  आओ  तुम अगर , मेरे रहगुजर में ,
यकीं है हमको , ये मौसम बदल जायेगा !
अगर सांसों का -----------------------------

परेशां न होना कभी , किसी की बात से !
क्यों होते हो रूश्वा ,तुम अपनी हयात से !
अपने हौसलों पर कर लो अगर तुम यकीं ,
जीत  सकते  हो हर बाज़ी , कायनात से !
अपनी  आंखों  से यारी , निभा लो अगर ,
आंसुओं  से  भी ,  मन   बहल   जायेगा ! 
अगर सांसों का -----------------------------

सबके  कर्मों  की  यहाॅ ,   होती   समीक्षा  है !
किसकी किस्मत में क्या है , रब की इच्छा है !
एक  ठोकर  लगी  और , तुम  तो  ठहर गये ,
ये  जीवन  जो है ,  हर  घड़ी  इक परीक्षा है !
यूं   मायूस  न   हो   तुम   इक   विराम   से , 
एक न एक दिन इम्तहां में तू सफल आयेगा !
अगर सांसों का ----------------------------------

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