पता -------- कसडोल, छत्तीसगढ़
विषय ----- सफलता
शीर्षक ---- सफलता ( गीत )
________________________________________
अगर सांसों का सरगम संभल जायेगा !
मौत डरकर , बगल से निकल जायेगा !
तू कोशिश तो कर , जरा पूरे दिल से ,
आंधियों में भी तेरा , दिया जल जायेगा !
यूं न सोच तुमको , ही ज्यादा ग़म है !
मेरा ग़म भी कहॉ , तुमसे कम है !
ले उड़ा जो मेरा , आशियां भी ,
हवाओं का देखो तो , ये कैसा सितम है !
चले आओ तुम अगर , मेरे रहगुजर में ,
यकीं है हमको , ये मौसम बदल जायेगा !
अगर सांसों का -----------------------------
परेशां न होना कभी , किसी की बात से !
क्यों होते हो रूश्वा ,तुम अपनी हयात से !
अपने हौसलों पर कर लो अगर तुम यकीं ,
जीत सकते हो हर बाज़ी , कायनात से !
अपनी आंखों से यारी , निभा लो अगर ,
आंसुओं से भी , मन बहल जायेगा !
अगर सांसों का -----------------------------
सबके कर्मों की यहाॅ , होती समीक्षा है !
किसकी किस्मत में क्या है , रब की इच्छा है !
एक ठोकर लगी और , तुम तो ठहर गये ,
ये जीवन जो है , हर घड़ी इक परीक्षा है !
यूं मायूस न हो तुम इक विराम से ,
एक न एक दिन इम्तहां में तू सफल आयेगा !
अगर सांसों का ----------------------------------
No comments:
Post a Comment