Thursday, November 12, 2020

जांजगीर-चांपा से अनिल कुमार की रचना- कोरोना

रचनाकार   :- अनिल कुमार
जिला        :- जांजगीर-चाम्पा 
राज्य         :- छत्तीसगढ़ 
शीर्षक       :- कोरोना से डरो-ना 
विधा         :- कविता
..............................


हाथों को साबुन व 
सेनेटाइजर से धोना
खासते-छींकते समय, 
मुँह व नाक को टिशु या
रुमाल से ढकोना। 
फिर कोरोना से डरो-ना..... 

भीड़-भाड़ जगह मे
जाने से बचो ना 
सोशल डिस्टेंशिंग का
पालन करोना 
फिर कोरोना से डरो-ना..... 

सरकार,डॉक्टर,पुलिसकर्मी
और मानवता की
सहायता करो ना
देश की सुरक्षा में
अपने कर्तव्यों का
निर्वहन करो-ना
फिर कोरोना से डरो-ना.....

कोरोना को हल्के
मे न लेना
इसे विश्व की
बड़ी महामारी रोग
बनने न देना
इस कोरोना कि मैच में
देश को हारने न देना
फिर कोरोना से डरो-ना......

देश की शिक्षा स्तर को
गिरने ना देना
लोगों को ऑनलाइन
पढ़ाई के प्रति
जागरूक करो-ना
देश की शिक्षा और सुरक्षा
को मजबूत करो-ना
फिर कोरोना से डरो-ना...... 

देश की इस संकट घड़ी में
उपरोक्त बातों पर
विशेष ध्यान देना
देश के विकास में
हर मोर्चे पर
काम करो ना
फिर कोरोना से डरो-ना..
                 कोरोना से डरो-ना...

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~ अनिल कुमार यादव 
धाराशिव जांजगीर चाम्पा छ.ग.

27 comments:

  1. वर्तमान परिस्थितियों पर काफी उम्दा रचना,,,👌

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  2. बहुत ही बढ़िया सर जी

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  3. Super line bahut achha likhte ho guru ji

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  4. आप जरूर चमको गे गुरु के रूप में👍👍

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  5. बहुत बढ़िया, जागरूकता से परिपूर्ण

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  6. बहुत अच्छी कविता है सर

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  7. Anil yadaw ji ki is bat ko har ak ke pas send krona, har ak ke dil me ummid ki kiran bharona, Koron se dro na korona se dro [{(Raja bhanja )}]

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  8. बेहद खूबसूरत जनाब

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  9. बहुत बढ़िया

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  10. कविता के माध्यम से देश की जनता को वर्त्तमान परिस्थिती को अवगत कराते,,,,,, सराहनीय पहल 👌👌

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  11. कोरोना काल में बहुत ही अदभूत रचना

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  12. विचारणीय कविता सर।। बहुत अच्छा

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  13. Desh ki is sankat ghari pe Corona ka incredible Kavita bahut achha hain

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  14. बहुत बढ़िया कविता

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  15. वर्तमान संदर्भ में सही तार्किक अर्थों को दर्शाती बहुत सुंदर एवं भावपूर्ण रचना।

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