Friday, November 6, 2020

कसडोल से चेतन सिंह कृत आलेख - कक्षा दसवीं का परिणाम

रचनाकार -- चेतन सिंह
पता --------कसडोल, छत्तीसगढ़
विषय ---- लक्ष्य
शीर्षक ---  मेरी भाभी मां/ कक्षा दसवीं का परिणाम
विधा ----- आलेख
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      बात है सन् 1993 की जब मैं 10 वीं कक्षा में अध्ययनरत था ।  उस समय म. प्र. शिक्षा मंडल द्वारा परीक्षा ली जाती थी , तब कक्षा 10 वीं बोर्ड में 90/95 % अंक प्राप्त करना असामान्य बात थी । 80 % अंक प्राप्त करने वाला विद्यार्थी कुशाग्र बुद्धि का माना जाता था । 
   चूंकि मेरे माता-पिता बचपन में ही स्वर्ग सिधार गए थे , तो मैं अकेले रहकर ग्राम - उतई , जिला - दुर्ग में पढ़ाई करता था । जीवनयापन व पढ़ाई खर्च मेरे बड़े भाईयों के सहयोग से चलता था । मेरे बड़े भाईयों को मैं अपने परीक्षा परिणाम से निराश नहीं करना चाहता था , इसलिए मैंने 10 वीं कक्षा में 80 % तक अंक प्राप्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया । और उस लक्ष्य की पूर्ति हेतु अपने गृहकार्य - चौका , बर्तन , खाना बनाना , कपड़े धोना आदि इन सभी कार्यों के संपादन के साथ ही उस अभाव में भी निरंतर अपनी पढ़ाई पर ध्यान दिया । लक्ष्य अनुरूप अर्धवार्षिक परीक्षा में 75% अंक प्राप्त कर कक्षा में प्रथम स्थान हासिल किया ।( आज के समय में  85 % भी कम लगता है , जब 99 % अंक भी हासिल हो जा रहे हैं )
    मैंने अपना लक्ष्य व अर्धवार्षिक परीक्षा का परिणाम अपने बड़े भाई व भाभी को बताया , उन्हें बहुत खुशी हुई । अब समय आया लक्ष्य प्राप्ति हेतु पुरजोर कोशिश का अर्थात वार्षिक परीक्षा का  । तब उस समय मेरी मां समान बड़ी भाभी जो जमशेदपुर , झारखंड ( तब बिहार ) में निवास करती थी , अपने परिवार के 5 पुरुष सदस्य (  मेरे बड़े भैया व भतीजे ) को छोड़कर मेरी शिक्षा में व्यवधान न हो यह सोचकर  सहयोग हेतु मेरे साथ आकर रहने लगी ।( जबकि मेरे भतीजे भी पढ़ रहे थे ) 
 उनके त्याग और सहयोग की बदौलत मैंने 10 वीं कक्षा 79 % अंक प्राप्त कर प्रथम श्रेणी में  उत्तीर्ण किया । यह अंक तात्कालिक समय अनुसार बहुत अच्छा व पर्याप्त था ।
    आज 27 बरस हो गये मुझे दसवीं कक्षा परीक्षा उत्तीर्ण किये ।यदि मैंने लक्ष्य निर्धारित नहीं किया होता और लक्ष्य अनुरूप अपना प्रयास नहीं किया होता तो शायद आज जिस मुकाम पर मैं हूं   संभवतः यहां तक मेरे लिए पहुंच पाना मुश्किल था । मैं अपनी भाभी मां व परिवार का  शुक्रगुजार हूं , जिन्होंने मुझे सक्षम  बनाने में  अपना सहयोग प्रदान किया । उसी 10 वीं कक्षा के परिणाम के आधार पर मैं स्वास्थ्य विभाग में सेवारत हूं ।
   सभी से यह गुज़ारिश है किसी भी क्षेत्र में कार्यरत हो अपना लक्ष्य निर्धारण अवश्य करें और उसके अनुरूप अपना प्रयास भी जारी रखें , सफलता अवश्य मिलेगी ।

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