सुंदरगढ़ ,ओडिशा
विधा-कविता
विषय-छोटा शहर
महानगरीय हलचल से दूर
पर कोलाहल से भरपूर
छोटा सा ,सुंदर सा शहर मेरा
सुंदरगढ़ नाम से मशहूर
पर्वतों से घिरा तीनों ओर
एक ओर बहता ईब नदी का शोर
शहर के पास ही जंगल घनघोर
दूर तक फैला इसका छोर
सादगी औऱ शालीनता से
रचे-बसे यहां के लोग
प्रेम ,अपनापन और आत्मीयता
से बंधे रिश्तों की डोर
गांगपुर रियासत की राजधानी यह
कई राजवंशो की कहती कहानी यह
इतिहास और वर्तमान की संधि-स्थल
पर खड़ी सर्वोत्तम ,सुंदरता की नगरी यह
जीवन की जरूरतों को पूरी करती
सड़क,विद्यालय, बाजार,मॉल, सिनेमा,
अस्पतालों की सजी हुई यह मेरे सपनों
सा सुंदर ,ओड़िसा का गौरव सुंदरगढ़।
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