जिला -दुर्ग
शीर्षक -दीपावली
विधा-स्वतंत्र
दीपावली प्रतीक है जीवन का,
प्रकाश, प्रदीप्त, ज्योति प्रखर l
प्रफुल्लित, प्रमुदित,अविरल,
ऊर्ज्वसित, प्राणयुक्त, अमर ll
मिटाकर अंध प्रकाश दे चिरंतन
सुवासित अस्तित्व करे निरंतर l
सुप्त मन को झकझोरे, ये मंतर,
प्रभाव देखो स्पष्ट दिग्-दिगंतर ll
मनाते त्यौहार दिये हम जलाते,
अंतस तम को, बाह्य बंध भगाते l
इसके पीछे छिपी शुचि अवधारणा,
जगती आँगन को महकाने प्रेरणा ll
हर मलीन क्षण, वीभत्स कृत्य का,
अंत सुनिश्चित हम करेंगे प्रियवर l
मिलकर करें आवाहन विराट का,
स्वस्थ समाज, राष्ट्र,विश्व साकार कर ll
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