द्रोपती साहू "सरसिज"
महासमुन्द, छत्तीसगढ़
विषय-खगोल विज्ञान
शीर्षक-"चंद्रयान दो-एक अभियान"
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चंद्रयान-दो चाँद सतह पर,
करने भेजे चट्टान परीक्षण।।
विज्ञान ने काम अथक कर,
चढ़े सोपान हर प्रतिक्षण।।
गर्व हमें है यहाँ इसरो पर,
जो सोच को ऐसे दिया अंजाम।
कर न सका है कोई देश,
हिन्द विज्ञानियों के जैसा काम।।
एक छोर से इस धरती के,
उल्का "थैया"जब टकराया।
गुण धारे हैं धरती के जैसे,
अस्तित्व में तब चाँद आया।।
विद् कैलाश वदिवू सीवन,
वनिथा मुथैया,रीतु धारीवाल।
रात-दिन सब एक करके,
यान के सुलझाने लगे सवाल।।
मुख्य धरातल के नियंत्रण से,
जब छूटा था लैंडर विक्रम।
लिखा इतिहास इन विदों ने,
अपना महा साहस पराक्रम।।
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