जिला-कांकेर,छग
शीर्षक- *बाल साहित्य -एक परिचय*
विधा-आलेख
*बाल साहित्य* अर्थात् छोटी उम्र के बच्चों को ध्यान में रखकर लिखा गया साहित्य|बाल साहित्य का मूल उद्देश्य कुरीतियों व सभी प्रकार की बुराइयों से हटकर स्वस्थ,सुंदर व आनंदमयी जीवन जीने के लिए सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है|बाल साहित्य ही बच्चों का भविष्य निर्माता है|इससे बच्चों में सृजनात्मक रुचि जागृत होती है|
बाल साहित्य लेखन की परम्परा अत्यंत प्राचीन है|कहानियां सुनना
बच्चों की प्यारी आदत है| हमकहानियों के माध्यम से बच्चों को शिक्षा प्रदान करते हैं|बचपन में दादी,नानी या माँ ही प्रायः कहानियां सुनाती थी,जो हमें कभी परियों के देश में ले जाती तो कभी त्याग,बलिदान,परिश्रम व वीरता की कहानी सुनाती थी|
बच्चों का अधिकांश समय माँ के साथ ही गुजरता था |पालने में ही झूलाते समय साहित्य,शिक्षा व सारी दुनिया की जानकारी माँ से ही मिल जाती थी|
बाल साहित्य का उद्देश्य महज मनोरंजन करना नहीं है वरन् जीवन की सच्चाई से परिचित कराना है ताकि बच्चों का चरित्र निर्माण हो सके व संघर्षों से जूझ सकें|
बच्चों को बड़े होकर अंतरिक्ष की यात्रा करनी है|चाँद पर जाना है और दूसरे ग्रहों पर भी|अतः बाल साहित्य लेखन के लिये लेखक को बाल-मनोविज्ञान की पूर्ण जानकारी होनी चाहिए|तभी वह बाल मानस पटल पर उतर कर कविता,कहानी व बाल उपन्यास लिख सकता है| बच्चों का मन मक्खन की तरह निर्मल होता है ,कविता व कहानियों के माध्यम से उन्हें वह शक्ति प्रदान कर सकते हैं जिससे वे संस्कार, समर्पण,सदभावना व भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान सीख सकता है|
श्री के. शंकर पिल्लई द्वारा चिल्ड्रन बुक आफ ट्रस्ट की स्थापना सन् 1957 में की गई है, जहाँ 3000 से अधिक बाल साहित्य का संग्रह है|यहां 5-16 वर्ष के बच्चों के लिए बेहतर साहित्य उपलब्ध है|
भारत में मौखिक व लिखित बाल साहित्य का समृद्ध विरासत है|इसका सबसे बड़ा स्त्रोत *पंचतंत्र की कथाएं* हैं|
रविन्द्र नाथ टैगोर का बाल साहित्य भाग 1 और भाग 2 प्रकाशित हुआ है|इसके अतिरिक्त पौराणिक कथाएं,कृष्ण- सुदामा, हितोपदेश आदि बाल साहित्य के उत्कृष्ट उदाहरण हैं| अंग्रेजी में एनिमल वर्ल्ड,जू डक, स्टोरिस आफ पंचतंत्र|
कुछ बाल साहित्य:
1-डिबिया में बंद इन्द्र धनुष
- डॉ. मृदुला गुप्त|
2-परियों के देश में-आभा गुप्ता
3-सूरज का शिकारी-दयानंद पांडेय
ज्ञान वर्धक- रंगो की महिमा,विज्ञान के मनोरंजक खेल|
रहस्य रोमांस- अनोखा उपहार,जासूसो का जासूस|
उपन्यास- इंसान का बेटा,गुड्डी|
आज बाल साहित्य को अधिक समृद्ध व लोकप्रिय बनाने की आवश्यकता है|
मीराआर्ची चौहान
कांकेर ,छग
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