ग्राम -बुलाँकी
जिला रायगढ़ (छत्तीसगढ़ )
विधा -कविता
विषय - "चिलमीलिका "
*************************
*चिलमीलिका*
चिलमीलिका तुम कितनीअच्छी
हो,
झिलमिलाती रोशन करती हो
अंधकार को दूर कर सदैव,
झिलमिलाती जलती रहती हो ।
तेरी रोशन से प्रेरणा ले मनु ,
अज्ञान से ज्ञान की ओर जाता है।
तेरी प्रेरणा से प्रेरित होकर,
जिंदगी में ज्ञान का रोशन जगाता
है ।
अंधकार से समस्याएं जीवन में आती है,
अंधकार में जीना नहीं चाहते हैं।
झिलमिलाती तेरी जैसे रोशन हो,
सदैव ऐसा ही मनु अपेक्षा करता है ।
ज्ञान की रोशनी में जीकर मनु,
सदैव जीवन में सुख पाना चाहता है ।
चिलमीलिका से प्रेरणा ले इंसान,
झिलमिलाती बन रोशनी में जी पाता है।
*************************
उर्मिला सिदार छत्तीसगढ़ रायगढ़
No comments:
Post a Comment