जिला :- जांजगीर-चाम्पा
राज्य :- छत्तीसगढ़
शीर्षक :- सफ़र ज़िन्दगी का
विधा :- कविता
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सफ़र ज़िन्दगी का
ज़िन्दगी अपने है
पर जीतें दूसरों के अनुसार...
घर अपने हैं
बनाते दूसरों के अनुसार...
मंज़िल अपने है
चुनते दूसरों के अनुसार...
आखिर कब होगा तेरा अधिकार
सोच बुलन्द कर
खुद पर हौसला रख
फैसले तुझे लेना है
तोड़ दे इन रूढ़िवादी बेड़ियों को
बढ़ा कदम अपने अनुसार...
मत फिक्र कर दुनिया वालों की बातों का
कि कुछ कहेंगे लोग
हो जा ज़िद्दी
अपने सफ़र-ए-मंजिलें पर
फिर रास्ते भी बनेंगे
और मंजिले भी मिलेंगे
बस तू हो तैयार,
तू हो तैयार...
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~ अनिल कुमार यादव
धाराशिव,जांजगीर चाम्पा छ.ग.
Nice line 👍👌
ReplyDelete👌👌
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ReplyDeleteNice line
ReplyDeleteबहुत खूब
ReplyDeleteNice sir
ReplyDelete👏👏
ReplyDeleteSuper sir ji very very nice
ReplyDeleteLajwab
ReplyDeleteBeautiful line
ReplyDeleteबहुत सुंदर यादव जी👌👌
ReplyDeleteबहुत सुंदर रचना यादव जी
ReplyDeleteलाजवाब रचना अनिल सर जी। 👌
ReplyDeleteआपकी रचना दिल को छू गई...
ReplyDeleteमत फिक्र कर दुनिया वालों की बातों का
ReplyDeleteकि कुछ कहेंगे लोग
हो जा ज़िद्दी
अपने सफ़र-ए-मंजिलें पर
फिर रास्ते भी बनेंगे
और मंजिले भी मिलेंगे
बस तू हो तैयार,
तू हो तैयार...
Nice
जीने का सही सलीका आपकी कविता "सफ़र ज़िंदगी का" अप्रतिम कृति,,,👏🇮🇳
ReplyDeleteजीने का सही सलीका आपकी कविता "सफ़र ज़िंदगी का" अप्रतिम कृति,,,👏🇮🇳
ReplyDeleteजीने का सही सलीका आपकी कविता "सफ़र ज़िंदगी का" अप्रतिम कृति,,,👏🇮🇳
ReplyDeleteSo nice
ReplyDeleteBahut badhiya
ReplyDelete👌👌
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ReplyDeleteThanks...
ReplyDelete👏👏👏