Thursday, November 19, 2020

बलौदाबाजार से डीजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर" की रचना- सफलता

रचनाकार- डीजेन्द्र क़ुर्रे "कोहिनूर"
पीपरभवना,बिलाईगढ़,बलौदाबाजार (छ.ग.)
विषय - सफलता
विधा - मुक्त छंद
★★★★★★★★★★★★
       सफलता
~~~~~~~~~~~~~~~
पिता मेरा ताकत और विश्वास है,
दिल से जुड़ा खास है।
उनकी प्रेरणा हमेशा ,
मन में बसाया रहता हूँ।
कभी पीछे नहीं रहता,
सफलता की यही राज है।
पिता जी ने जो संस्कार दिए,
उसे कैसे भूल जाऊँ।
अब मैं भी एक पिता हूँ,
संस्कार मेरे बेटे को सिखाऊँ ।
मेहनत करने के लिए बताया,
कठिन रास्ते पर चलना सिखाया।
असफलताओं से मत डरना,
आगे बढ़ने का मंत्र बतलाया।
पिता आप महान हो,
मेरा जीवन का तारणहार हो।
आपका सपना पूरा करूँगा,
अडिग रहूँगा निर्भीक रहूँगा।
डिजेंद्र की ये अटल विश्वास,
दिन दुखियों की सेवा करूँगा।
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
रचनाकार- डीजेन्द्र क़ुर्रे "कोहिनूर"

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...