रचनाकार श्रीमती रजनी शर्मा
जिला रायपुर छत्तीसगढ़
शीर्षक ज्ञान का तारा
विधा मुक्त छंद
ज्ञान का तारा
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विद्यालय हमारा
सारे जहां से न्यारा।
ऊंचे गगन में सबसे,
चमके ये ज्ञान का तारा।
हम फूल इस चमन के
उपवन है ये हमारा
खुशबु अलग है सबकी
भिन्न है सबकी भाषा
विद्यालय हमारा.....
शिक्षा के गुण राग से,
सबको इसने पुकारा।
लक्ष्य साध सपनों का,
मन में रहे जिज्ञासा।
विद्यालय हमारा
वाणी की गूंजे मधुरता
दूर हो हर कर्कशता
तम तिमिर विरल हो,
ज्ञान का फैले उजियारा।
विद्यालय हमारा......
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