सुंदरगढ़, ओडिशा
विधा-आलेख
विषय-ज्ञान
ज्ञान ही शक्ति है कहना गलत नही होगा मनुष्य को मनुष्य ज्ञान ही बनाता है।बुद्धि से ही ज्ञान प्राप्त किया जा सकता है और यह वो दौलत है जिसे ना चोर चुरा सकता है, ना राजा छिन सकता है और ना ही इसका बंटवारा किया जा सकता है बल्कि इसे बांटने से यह और अधिक बढ़ता है।
ज्ञान का महत्व सृष्टि के आरंभ से ही है मनुष्य ने ज्ञान से ही विकास के द्वार खोले और खुद को अन्य प्राणियों से भिन्न बनाया।बुद्ध ने ज्ञान की खोज में अपने घर परिवार को छोड़ दिया और इसे प्राप्त किया तथा सम्पूर्ण विश्व में इसका प्रचार प्रसार किया।ज्ञान अंधेरे में प्रकाश के समान है और हमारे जीवन को ज्ञान ही उजाला देता है । ज्ञान हमे हर जगह मिलती है घर,समाज,विद्यालय, पुस्तकों से,सज्जन व्यक्तियों, संतो तथा महापुरुषों से भी ।ये हमपर है कि हम अपने बुद्धि के आधार पर इसे कितना ग्रहण कर सकते हैं।परंतु सबसे अधिक ज्ञान हमे अनुभवों से मिलती हैं।
ज्ञान हमे लगन ,परिश्रम ,और अपनी जिजीविषा से मिलती है।यह हमें धनी तथा शक्तिशाली बनाती है ।हमें सफलता के ऊंचाइयों में पहुंचाती है तथा सामान्य से विशिष्ट बनाती है।हमे सदैव ज्ञान का सही प्रयोग कर देश और समाज की उन्नति में सहयोग करना चाहिए।
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