स्थान-नवापाराखुर्द/सक्ति
जिला-जांजगीर-चाम्पा/ छत्तीसगढ़
विधा-कविता मुक्त
शीर्षक-ऐसे लोगों को याद रखना
जो सारी दुनियां से,प्रेम करेगा ।
वो आते बाधाओं से,क्या डरेगा ।
दुनियां उसके लिए ,एक समान है ।
कोई एक नहीं उसका, पूरा जहान है ।
मानवता जो पढ़ा वो,और क्या पढ़ेगा ।
सब की खुशहाली का, जिसका है सपना ।
वो सोच ही नहीं सकता,क्या होगा अपना ।
वो खुद का सपना , भला क्या रखेगा ।
जिसका सोच हरदम,दुसरों के बारे में ।
वो बैठ क्या करेगा, छोटे से किनारे में ।
जो जले सबके दुख में,वो कभी न जलेगा ।
जिसने शांति के लिए, क्रांति को चुना है ।
उसे शांति का धरा, यहां जरुर मिलना है ।
उसे जरुरत लगेगा,वो मौत से भी लड़ेगा ।
लाखों में जिनकी, युगों तक होती गणना ।
उस महामानव को, दिलों में बसा के रखना ।
उनकी अच्छाई जीवन से,कभी न मिटेगा ।
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