डोंगरगाँव जिला-राजनांदगाँव छत्तीसगढ़
विषय :- भाई दूज
विधा :- गद्य
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एक इंसान की ज़िन्दगी में उसके साथ कई रिश्ते जुड़े होते हैं । कुछ रिश्ते ऐसे होते हैं जो कुछ अलग ही होते हैं । जिनके पास हमें हर रिश्ता मिल जाता है । ऐसा ही एक रिश्ता है भाई का । भाई जो एक माँ की तरह प्यार करता है , पिता की तरह सख्ती भी दिखाता है और दोस्त की तरह खुलकर जीना भी सिखाता है ।
भाईयों के प्रति बहनों की श्रद्धा और विश्वास का पर्व है भाई दूज । इसे यम द्वितीया भी कहा जाता है । इस दिन यम देव की विशेष पूजा का विधान है । मान्यता के अनुसार यम देव की उपासना से अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है ।
पौराणिक मान्यता के अनुसार यमुना ने इसी दिन अपने भाई यमराज की लंबी आयु के लिए व्रत किया था और उन्हें अन्नकूट का भोजन खिलाया था ।
मिथिला नगरी में इस पर्व को आज भी यह द्वितीया के नाम से जाना जाता है । इस दिन चावलों को पीसकर एक लेप भाईयों के दोनों हाथों में लगाया जाता है । साथ ही कुछ स्थानों में भाई के हाथों में सिन्दूर लगाने की भी परंपरा देखी जाती है ।
हमारे प्यार से भले ही सारी दुनिया जले ।
सारी दुनिया की खुशियाँ भाई तुझे मिले ।
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गजेन्द्र हरिहारनो "दीप"
डोंगरगाँव जिला-राजनांदगाँव ( छत्तीसगढ़)
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