Monday, November 16, 2020

बचेली से शकुन शेंडे की रचना- भाईदूज

रचना कार-:शकुन शेंडे
निवासी-:बचेली(छत्तीसगढ़)
विषय-:भाई दूज
शीर्षक-:  मंगल टीका
विधा-:छंद मुक्त



आ माथ लगा दूं मंगल टीका, 
अक्षत रोली चंदन का। 
आया है ये चांद लेकर- 
भाई दूज अभिनन्दन का।
तू रहे सलामत जग में, 
ओ अनुज- भ्राता मेरे।
शोख गुलाब तू एक ही है,
मेरे मन आँगन नन्दन का।
तेरी उन्नति की अभिलाषा-
उर हिलोरे लेती है।
तू भी नात निभाना बढ़कर-
सदा नेह के बंधन का।
नही सुरक्षित अनुजा कोई,
पल पल सजग रहना ओ मित।
लाज बचाना तुझे कसम है- 
मम भारती के क्रंदन का।
ओ शैन्य सरहद प्रहरी,
सुरभित रक्षित लहरे ये ध्वज। 
करती शकुन भी मंगल कामना-
मातृभूमि के वंदन का।।

     शकुन शेंडे
बचेली (छत्तीसगढ़)

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