निवासी-:बचेली(छत्तीसगढ़)
विषय-:भाई दूज
शीर्षक-: मंगल टीका
विधा-:छंद मुक्त
आ माथ लगा दूं मंगल टीका,
अक्षत रोली चंदन का।
आया है ये चांद लेकर-
भाई दूज अभिनन्दन का।
तू रहे सलामत जग में,
ओ अनुज- भ्राता मेरे।
शोख गुलाब तू एक ही है,
मेरे मन आँगन नन्दन का।
तेरी उन्नति की अभिलाषा-
उर हिलोरे लेती है।
तू भी नात निभाना बढ़कर-
सदा नेह के बंधन का।
नही सुरक्षित अनुजा कोई,
पल पल सजग रहना ओ मित।
लाज बचाना तुझे कसम है-
मम भारती के क्रंदन का।
ओ शैन्य सरहद प्रहरी,
सुरभित रक्षित लहरे ये ध्वज।
करती शकुन भी मंगल कामना-
मातृभूमि के वंदन का।।
शकुन शेंडे
बचेली (छत्तीसगढ़)
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