ग्राम - बुलाकी
जिला - रायगढ़ छत्तीसगढ़
विषय - कविता
शीर्षक - खगोल विज्ञान
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*खगोल विज्ञान*
खाली स्थान में गोल ग्रह उपग्रह है,
इस विशेष ज्ञान को जानना खगोल ज्ञान है।
खगोल स्वरूप में खाली स्थान सर्वत्र व्याप्त है,
इसी में समाहित शूक्ष्म ,स्थूल स्वरूप है।
ब्रह्म में ब्रह्मांड संचालित है,
अणु परमाणु संगठित हो क्रियाशील है।
स्व स्फूर्त संचालित जड़ चैतन्य प्रकृति,
नित्य वर्तमान संपूर्णता में प्रमाणित।
खाली स्थान ही परम ब्रह्म स्वरूप,
सर्वत्र व्याप्त है निराकार रूप।
न आदि न अंत क्रिया शून्य है,
क्रिया शून्य होते हुए सभी का आधार है।
यही सब जानना खगोल विज्ञान है,
परमाणु से व्यापक तक जानना विशेष ज्ञान है।
स्थूल से सूक्ष्म, परमाणु से अणु है,
हर इकाई का अनंत विभिन्न स्वरूप है।
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उर्मिला सिदार
रायगढ़ छत्तीसगढ़
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