Monday, November 23, 2020

बलौदाबाजार से लीलाधर कुम्हार की रचना- छत्तीसगढ़ की लोक कला

रचनाकार - लीलाधर कुम्हार
जिला - बलौदाबाजार (  छ. ग. )
विषय - लोक कला/साहित्य
विधा - छंद मुक्त कविता
शीर्षक - छत्तीसगढ़ की लोक कलाएँ
******************************
  // छत्तीसगढ़ की लोक कलाएँ //

छत्तीसगढ़ की लोक कलाएँ , 
जन मानस में छायी है ।
देश - विदेशों में है प्रसिद्धि ,
आपनी पहचान बनाई है ।।

रीति - रस्म इतिहास कथाएँ ,
जीवन के अगणित रंग ।
लोक कला में समाहित होते ,
ग्रामीण परिवेश उमंग ।।

पंथी गीत पण्डवानी भरथरी ,
करमा सुआ ददरिया ।
भोजली डंडा बांस देवार गीत ,
माता जसगीत नवरतिया ।।

लोरिक चंदा राऊत नाचा और ,
सधौरी सोहर बिहाव गीत ।
गौरा गम्मत ढोलकी गीत में ,
परम्परा पूर्वजों से प्रीत ।।

रामचन्द्र देशमुख मंदरा जी ,
सुरुजबाई देवदास बंजारे ।
केदार यादव रेखा जलक्षत्री ,
लोक कला के बड़े सितारे ।।

नवलदास और बैतलराम जी ,
धुरवाराम मरकाम फिदाबाई ।
पंचराम मिरझा कुलवंतीन  ,
लोक कला के सभी सिपाही ।।

तीजन बाई रितु वर्मा जी ,
रजनी रजक ममता चंद्राकर ।
दिलीप सड़ंगी  नीलकमल जी ,
लोक कला के लोकप्रिय हस्ताक्षर ।।

जाति वर्ग समुदाय से पोषित ,
ऐसी उन्नत संस्कृति हमारी ।
अनेकता में एकता दर्शाती ,
छत्तीसगढ़ की धरोहर प्यारी ।।

     ---#---#---#---

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...