Sunday, November 1, 2020

बिलासपुर से मोहित साहू की रचना- बार देबे दिया

नाम :- मोहित साहू
जिला :- बिलासपुर छग
शीर्षक :- बार देबे दिया..
विधा :- गीत
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रे सुरूज देवता बार देबे, दिया मोरो डीह म
आगे हावय सुरूहुत्ति देवारी,
रे सुरूज देवता बार देबे, दिया मोरो डीह म
1- फूटहा कुरिया हे हमरो नसीब के
के टूटहा छांधी हे मोरो गरीब के
बदनसीबी ल मोरो तैं मार देबे
रे सुरूज देवता बार देबे दिया मोरो डीह म
2- लइकन मन ह रो रो के सुसकत हे
सुरसूरी फटाका बर कुलकत हे
के मोरो लइकन ल मया दुलार देबे
रे सुरूज देवता बार देबे दिया मोरो डीह म
3- दिया बारे बर घर म तो तेल नइ हे 
बाती संग दिया के भी मेल नइ हे 
के चंदा ल कही दे अंजोर देबे 
रे सुरूज देवता बार देबे दिया मोरो डीह म 
4- सब घर म हावय रे खोवा मिठाई 
मोर घर म नइ हे बताशा अउ लाई
तोर दया के मधुरस ल ढार देबे 
रे सुरूज देवता बार देबे दिया मोरो डीह म 
5- डेहरी म बइठे जोहत होहय
मोरो खरतरीन रोवत होहय
अपन किरपा ले हमला उबार देबे 
रे सुरूज देवता बार देबे दिया मोरो डीह म 
आगे हावय सुरूहुत्ति देवारी 
रे सुरूज देवता बार देबे दिया मोरो डीह म 
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मोहित साहू 

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