निवास-बैरन बाजार,रायपुर ।
जिला-रायपुर,छत्तीसगढ़ ।
विधा-मुक्त ।
शीर्षक:-"पुराने पन्नें " ।
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○○○|||<•पुराने पन्नें •>|||○○○
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जीवन की किताब के----
कभी-कभी,खुल जाते हैं,
पुराने पन्नें भी,रहस्य उजागर होता,
थम व सहम जाती जिंदगी ।
बचपन से बुढ़ापे तक---
जीवन में,होते कई अजुबे ,
कुछ याद रहते,कुछ भूल हैं जाते ।
पुराने पन्नें,जब पत्रों की शक्ल में हों,
कुछ खट्टी कुछ मीठी यादों की,
हमसफर,हमदर्द बनकर उभर जाते ।
इतिहास के पन्नों में--
अक्सर 'पुराने पन्नों 'को,
साक्षी मानकर चलते हैं,
तभी तो,इतिहासकार लिखते हैं ।
आओ हम भी,अपने खज़ाने से,
ढूंढ़कर ,कुछ यादों में खो जाये,
और पुराने पन्नों को पढ़ते जायें,
आगे बढ़ते रहने की दिशा,
शायद,अचानक मिल जाय ।
=========इति========
*मौलिक प्रस्तुति ****
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