Sunday, November 22, 2020

रायगढ़ से इन्दु साहू की रचना- हरदम आगे बढ़ते जाना

रचनाकार का नाम: इन्दु साहू
राज्य: छत्तीसगढ़
जिला: रायगढ़
विषय: हरदम आगे बढ़ते जाना
विधा: कविता

बचपन का ये दिन है या, 
खुशियों का है खजाना।
जिद है चाँद को पाने की, 
दिल तितलियों का दीवाना।

लक्ष्य एक बनाकर रखो, 
पर सपने खूब सजाना।
छोटे-छोटे इन कदमों से, 
हरदम आगे बढ़ते जाना।।

ना सुबह की खबर है, 
ना ही शाम का ठिकाना।
स्कूल से थककर आने पर, 
खेलने भी है जाना।

पढ़-लिख कर इस जग में, 
एक दिन नाम कमाना।
छोटे-छोटे इन कदमों से, 
हरदम आगे बढ़ते जाना।।

सपने जो तुमने हैं देखें, 
उन्हें सत्य करके दिखलाना।
सबसे ऊँचा तुमको उठकर, 
है आसमान में छाना।

सामने खड़े मुसीबतों को देख, 
कभी नहीं घबराना।
छोटे-छोटे इन कदमों से, 
हरदम आगे बढ़ते जाना।।

करना बड़ों का सम्मान सदा, 
उनका आशीष पाना।
फ़र्ज़ जो है ज़िन्दगी में, 
हर एक फ़र्ज़ निभाना।

माता पिता की सेवा में, 
जीवन अपना बिताना।
छोटे-छोटे इन कदमों से, 
हरदम आगे बढ़ते जाना।।

स्वरचित मौलिक रचना

-इन्दु साहू,
रायगढ़ (छत्तीसगढ़)

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