पीपरभावना,बलौदाबाजार(छ.ग.)
विषय - ज्ञान
विधा - घनाक्षरी
★★★★★★★★
घनाक्षरी - ज्ञान
★★★★★★★★
पढ़ लिख ध्यान कर,
शिक्षको का मानकर।
देश दुनिया में अब,
खुद को जगाना हैं।
★★★★★★★★
गुरु बना जानकर,
पानी पीना छानकर।
सदा ज्ञान पाने में जी,
ध्यान भी लगाना हैं।
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ना किसी को बड़ा मान,
ना किसी को छोटा जान।
जग में समान सभी ,
भाव ये जगाना हैं।
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अशिक्षा से लड़कर,
नित आगे बढ़कर।
गुरु की सेवा में नित,
शीश भी झुकाना हैं।
★★★★★★★★★
रचनाकार-डिजेन्द्र कुर्रे "कोहिनूर"
पीपरभावना,बलौदाबाजार(छ.ग.)
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