जिला-राजनांदगांव
राज्य-छत्तीसगढ़
शीर्षक-"कर्म का फल"
विधा-कविता
मिलता है अवश्य ,सभी कर्मो का फल।
आज नही तो निश्चित कल।।
मेहनत से न घबरा,
अदम्य साहस से आगे बढ़ते चल।
पहाड़ो से न डर,
ऊंचाई पर चढ़ते चल।
रगो में परिश्रम करने की शक्ति आएगी,
तेरी मेहनत जरूर रंग लायेगी।
नेक कर्म कर ,तो नेकी का
बुरे कर्म कर तो,बुरे कर्म का
फल निश्चित मिलता है।
कीचड़ में ही कमल पुष्प,
निश्चित खिलता है।।
बुरे कर्म नर्क और अच्छे कर्म,
स्वर्ग की ओर ले चलता है।
सभी कर्मो का फल ,
इसी जीवन में,जरूर मिलता है।
(अच्छे कर्म करते रहना चाहिए)
महदीप जंघेल,खैरागढ़
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