Tuesday, October 13, 2020

राजस्थान से पवन गौतम बमूलिया की रचना- हिन्दी

राज्य-राजस्थान
    रचनाकार--पवन गौतम बमूलिया
     विषय/शीर्षक-मातृ भाषा हिन्दी।
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*मातृ भाषा हिंदी*
(नज़्म /गीतिका)
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प्रबल भावों विचारों का नवल उत्थान है हिन्दी।

हमारे पूर्वजों के रक्त  का  अनुदान है हिन्दी।

इसे जगमग सजाना है दुनिया के आँगन में.....

परम उद्देश्य पाने का हृदय आह्वान है हिन्दी।

खिले निज गन्ध भाषा सी  रहे हिन्दी बहारों सी.....

हमारी मातृ भाषा का अमर  वरदान है हिन्दी।

हिन्दी जाँ हमारी है ओ हिन्दी माँ हमारी है........

रस और छन्द के उद्गार का तूफान है हिन्दी।

लिखो हिन्दी पढो हिन्दी पुकारो नेह से *गौतम*.....

द्विवेदी,गुप्त,दिनकर का स्वप्न सम्मान है हिन्दी।

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शिक्षक व गीतकार 
     ----पवन गौतम बमूलिया

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