स्थान---नवापाराखुर्द/सक्ति
जिला--- जांजगीर-चांपा/छत्तीसगढ़
विधा-कविता
विषय--संगीत
शीर्षक-मेहनत का संगीत
मेरे गीत मिट्टी का, मेहनत का संगीत ।
चाहूं हर कोई सुने , इससे लगाए प्रीत ।
हर लोगों का हो उत्थान,
सजे इससे सबका अरमान ।
मिले इसकी सेवा वरदान,
जो सबको लगे उचित ।
लाए सबके जीवन खुशियां ,
दुखों का हो विनाश ।
शांति से जीवन भरपूर,
बने सबका सच्चा मीत ।
लग जाए विकासों का ढ़ेर ,
हर कोई बने शवा शेर ।
स्वर्ग जैसा हो रहना,
जीना लागे अमृत ।
स्वारथ का अंत हो ।
परमार्थ अनंत हो ।
सदप्रयत्न हो सफल ।
चहु ओर विकसित हो ललित ।
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