जिला- रायगढ़ (छत्तीसगढ़)
विधा- छंद मुक्त कविता
विषय -परिवर्तन
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*परिवर्तन*
गुणात्मक परिवर्तन लाना है ,
विकास की ओर जाना है।
ह्रास से विकास की ओर,
अन्याय से न्याय की ओर।
अर्धम से धर्म की ओर,
असत्य से सत्य की ओर।
गुणात्मक परिवर्तन लाना है,
विकास की ओर जाना है।
समस्या से समाधान की ओर,
अव्यवस्था से व्यवस्था की ओर,
अशांति से शांति की ओर,
क्रूरता से अक्रूरता की ओर,
गुणात्मक परिवर्तन लाना है,
विकास की ओर जाना है।
अभाव से भावात्मक की ओर,
अज्ञानता से ज्ञान की ओर,
संवेदना से संज्ञानीयता की ओर,
अनियंत्रण से संयमता कीओर,
गुणात्मक परिवर्तन लाना है,
विकास की ओर जाना है।
अजागृति से जागृति की ओर,
भ्रम से निभ्रम की ओर,
दुरूपयोग से सदुपयोग की ओर,
दुर्गुण से सद्गुण की ओर,
गुणात्मक परिवर्तन लाना है,
विकास की ओर जाना है।
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व्याख्या- इन कविता में श्रेष्ठता की ओर जाने के लिए इंगित किया गया है।
उर्मिला सिदार
रायगढ़ छत्तीसगढ़
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