Wednesday, October 7, 2020

चेतन सिंह की रचना- जीवन

रचनाकार -- चेतन सिंह 
पता --------- कसडोल , छत्तीसगढ़
विषय ------ जीवन का महत्व
शीर्षक ----- जीवन है अनमोल
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जीवन    है   अनमोल   रे   बन्दे !
मीठी    वाणी    बोल   रे    बन्दे !
अपना - पराया    न   कोई  यहां ,
एक  तुला में सबको तोल रे बन्दे !

चार दिन  की  ये  जिंदगानी !
सुख - दुख है आनी - जानी !
अपनी   पीड़ा   पर   मत रो , 
सारे   जग  की यही कहानी !
आंख       मूंदकर     क्यों    देखें ,
नयन    पट      खोल    रे    बन्दे !
जीवन है  अनमोल .................

कभी माटी ,   कभी धूल है जिंदगी !
कभी गुलाब , कभी शूल है जिंदगी !
कभी  सागर   की  बलखाती  लहर , 
कभी शांत , निश्छल कूल हैं जिंदगी!
हर   घड़ी    को   जी   ले  मस्ती में , 
समय       का    है   मोल  रे    बन्दे !
जीवन है अनमोल......................

जीवन    की   यही  परिभाषा !
पल में आशा , पल में निराशा !
कठपुतली     है    जग   सारा , 
ये    जीवन   है    इक तमाशा !
अपनी      वाणी   में    रख   काबू ,
जिव्हा     में   रस   घोल  रे   बन्दे !
जीवन है अनमोल ....................
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टीप --  1.  शूल = कांटा
           2.  कूल = किनारा

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