Wednesday, October 7, 2020

पदमा साहू की रचना- जीवन

रचनाकार- श्रीमती पद्मा साहू पर्वणी 
खैरागढ़ जिला राजनांदगांव छत्तीसगढ़
विषय -जीवन उत्सव है 
विधा- कविता छंदमुक्त


जीवन एक उत्सव उड़ेंगे इसमें ,
सुख-दुख के रंग बिरंगे अबीर ।
कभी  प्रफुल्लित  होता  मन ,
कभी हो जाता चंचल अधीर ।।
कभी बजेगी शहनाई ,ढोलक,
बरसेगी सुमन, मन होगा आनंदित।
स्वर लहरों से मधुर गान करेंगे ,
निर्मल नभ से बरसेगा अमृत नीर।।
व्यभिचार  न  अभिमान  होगा,
वाणी से  निकलेगी  निर्मल गंगाक्षीर।
जीवन तप साधना खिलने दो प्रेम पुष्प,
जैसे  कीचड़ बीच  खिले  नीरज नीर।।
आल्हादित नाद से गूंजेगी जीवन, 
 हरफनमौला बनकर रहना कहे पर्वणी फकीर।
जीवन एक उत्सव उड़ेंगे इसमें,
सुख-दुख के रंग बिरंगे अबीर।।

पदमा साहू 
खैरागढ़ छत्तीसगढ़

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