पिपरभावना, जिला बलौदाबाजार (छ.ग.)
शीर्षक - माँ मेरी जान
विधा - मुक्तक
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मुक्तक - माँ मेरी जान
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मैं अपनी माँ की चरणों में ,
सदा आशीष पाता हूँ।
हृदय के पास जब रहती ,
गीत मैं गुनगुनाता हूँ ।
कहीं तो दूर चला जाऊँ मेरी माँ,
खूब घबराती है ।
शुभ संस्कार जिनसे पा,
मैं तो उन्हीं का दुलारा हूँ।
माँ तू स्वर की देवी ,
तू ही भगवान मेरी हो ।
कृपा करती सदा मुझ पर,
ऐसी माँ प्राण मेरी हो ।
दुख दर्द सभी गम को,
कभी आने नहीं दिया ।
लाडला हूँ जिसका मैं ,
वहीं मैं कोहिनूर प्यारा हूँ।
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स्वरचित©®
डिजेन्द्र कुर्रे"कोहिनूर"
छत्तीसगढ़(भारत)
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