जिला-कांकेर,छग
विषय-संगीत
शीर्षक-प्रकृति का संगीत
विधा-कविता( मुक्त छंद)
माँ की गोद में लोरी का
मधुरिम संगीत,
पानी के हर बुंद का ताल
सुमधुर संगीत,
चिड़ियों की चहचहाहट में
सुरमयी संगीत,
मंदिर के घंटी की ध्वनि में
ॐकार का संगीत,
सांसों की थिरकन में भी
अद्भुत संगीत,
नन्हे बच्चे की किलकारी में
सरस संगीत,
नन्हीं बिटिया के थिरकन में
स्नेहिल संगीत,
कर्म के हर आहट में छुपा है
प्रेम का संगीत,
जीवन की हर आहट में झंकृत
साम संगीत|
स्वर की मधुरता ही तो है जीवन
का मधुर संगीत||
मीरा आर्ची चौहान
कांकेर,छग
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