Friday, October 30, 2020

रायगढ़ से उर्मिला सिदार की रचना- संगीत

रचनाकार - उर्मिला सिदार
 ग्राम- बुलाँकी 
जिला- रायगढ़ (छत्तीसगढ़)
 विधा -कविता (मुक्तक छंद)
 विषय -संगीत
 
              
                *संंगीत*

 जिंदगी एक संगीत है 
 खुशियांँ मिले अपार।
जिंदगी की राहों में ,
मधुर संगीत मृदु राग ।

संस्कार से भरा मानव हो,
समृद्धि से भरा परिवार ।
संतुष्टि का संगीत प्रवाहित ,
ऐसा हो  घर द्वार ।

समझ से समाधान मिले ,
श्रम से मिले समृद्धि।
आत्मा में प्रेम भाव बसे ,
यही है जीवन संगीत।

 अपना पराया त्याग कर ,
 जीए अनन्य भाव ।
 जीवन रस से जिंदगी जीए,
 मिटे मन का ताप।


व्याख्या- इस कविता में जिंदगी की सच्चाई को जीते हुए  जिंदगी को संगीत की तरह मधुर बनाया जा सकता है इसी संदर्भ में यह कविता लिखा गया है।

 उर्मिला सिदार रायगढ़ छत्तीसगढ़

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