ग्राम- बुलाँकी
जिला- रायगढ़ (छत्तीसगढ़)
विधा -कविता (मुक्तक छंद)
विषय -संगीत
*संंगीत*
जिंदगी एक संगीत है
खुशियांँ मिले अपार।
जिंदगी की राहों में ,
मधुर संगीत मृदु राग ।
संस्कार से भरा मानव हो,
समृद्धि से भरा परिवार ।
संतुष्टि का संगीत प्रवाहित ,
ऐसा हो घर द्वार ।
समझ से समाधान मिले ,
श्रम से मिले समृद्धि।
आत्मा में प्रेम भाव बसे ,
यही है जीवन संगीत।
अपना पराया त्याग कर ,
जीए अनन्य भाव ।
जीवन रस से जिंदगी जीए,
मिटे मन का ताप।
व्याख्या- इस कविता में जिंदगी की सच्चाई को जीते हुए जिंदगी को संगीत की तरह मधुर बनाया जा सकता है इसी संदर्भ में यह कविता लिखा गया है।
उर्मिला सिदार रायगढ़ छत्तीसगढ़
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