जिला बेमेतरा छत्तीसगढ़
विषय भावना
शीर्षक मन की भावना
विधा छंद मुक्त कविता
मन की भावना
भावना मन में रखिए ऐसी,
भला सभी का हो जाए।
मेरा मन भी तर जाए,
और तेरा भी तर जाए।
शरीर है मन्दिर समान,
भावना उसकी आरती।
अच्छी भावना रख लो मन में,
फिर चिंता हैं किस बात की।
भावना जैसी रहती मन में,
मानव वैसा ही कर्म कर जाता।
कर्म करे फल पावे वैसा,
वेदों में यह ज्ञान बताया।
भावना मन में रखिए ऐसी,
भला सभी का हो जाए।
सूर्य प्रकाश पाटिल
बेहतरीन लेख
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