ग्राम -बुलाँकी
जिला -रायगढ़ (छत्तीसगढ़) विधा -कविता
विषय -"जीवन का महत्व"
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*जीवन का महत्व*
जीवन आया है इस संसार में,
स्वयं और संसार को समझने के
लिए।
जीवन इस संसार में यात्रा कर
रहा है,
जागृति को पाने के लिए।
जीवन का महत्व दृष्टव्य है ,
घर परिवार में,
समझदारी से जीना बन जाए,
सु संस्कारिक समाज में।
जीवन निरंतर सुख चाहता है,
सुख धर्मी संसार में।
कुकर्म से निजात पाकर ,
सु कर्म मे जीना चाहता है।
समझ कर समझकर जीने से ,
वही जिंदगी में सफल होता है।
कुकर्म से मानव दुर्भाग्यवश,
समस्या में फंस जाता है।
आवेश गति त्याग कर जीवन,
स्वभाव गति में जीता है।
जीवन का महत्व को समझ कर,
जीवन इस जग में स्वतंत्र जीता
है।
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व्याख्या:- जीवन इस संसार में अपने महत्व को व्यक्त करने के लिए आया है इसी संदर्भ में इस कविता में रचना दर्शाया गया है।
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