Wednesday, October 7, 2020

लीलाधर कुम्हार की रचना- जीवन

रचनाकार - लीलाधर कुम्हार
जिला - बलौदाबाजार ( छ. ग. )
विषय - जीवन का महत्व
विधा - छंद मुक्त कविता
अलंकार - परिसंख्या अलंकार
शीर्षक - जीवन
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          //  जीवन  //

जीवन एक वरदान है ।
अवसर बड़ा महान है ।।

ईश्वर की यह अनुपम देन ।
जीवन छुक-छुक चलती ट्रेन ।।

सबसे कीमती सबसे प्यारा ।
चंदा - सूरज नैन - सितारा ।।

सभी चाहते जीवन - ज्योति ।
जो कि दुर्लभ हीरे - मोती ।।

जीवन एक मधुर संगीत है ।
लय सुर ताल रागमय गीत है ।।

जीवन एक अनोखा उत्सव ।
संघर्षों का भी है विप्लव ।।

होली दीवाली रक्षाबन्धन ।
जीवन है एक पर्व प्रबंधन ।।

जीवन का है महत्व भारी ।
हरी-भरी यह दुनिया सारी ।।

जीवन है कर्मों का लेखा ।
सुख-दुःख की यह मिश्रित रेखा ।।

जीवन है तो  सब कुछ है  ।
जीवन नहीं तो सब चुप है ।।

ईश्वर को पाने का साधन ।
धर्म और कर्तव्य है जीवन ।।

जीवन प्रेम और त्याग है ।
खुशियों का सुंदर बाग है ।।

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नोट - परिसंख्या अलंकार के प्रयोग करने का प्रयास किया गया है । 
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