स्थान- कचंदा
जिला- जांजगीर-चांपा/ छत्तीसगढ़
विधा- कविता
शीर्षक- जीवन का महत्व
जीवन का महत्व
मानव जीवन ईश्वर का है एक अनुपम दान ।
समझो इसके महत्व को रखो इसका मान ।
रखो इसका मान, करलो कोई ऐसा काम ।
धरा, गगन चहुँ ओर, गुंजेगा तेरा ही नाम ।
कह "प्रधान" कविराय, न बन जाना दानव ।
सर्व हित नित कर्म कर कहला महा मानव ।
सुख-दुःख जीवन में आते बनके धुप-छांँव ।
हर जगह संताप है क्या शहर क्या गाँव ।
क्या शहर क्या गाँव, जान गवाते हैं व्यर्थ।
समझ न पाते ऐसे लोग, जीवन का अर्थ ।
कह "प्रधान" कविराय, रहो सदा हस मुख ।
जीवन रहस्य को समझो मिलेगा हर सुख ।
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