स्थान-नवापाराखुर्द/सक्ति
जिला- जांजगीर-चांपा/ छत्तीसगढ़
विधा -कविता (परिसंख्या अलंकार पर आधारित)
विषय-जीवन का महत्व
शीर्षक-जीवन का महत्व और मानव
युगों-युगों से कहते आ रहे ।
वेदों ने भी कह डाला ।
रामायण, महाभारत में लिखा।
जीवन का महत्व मानव मन पड़ा ताला ।
दृष्टांत दिये, उदाहरण दिए ।
कह -कह कर समझाए ।
साथ रखकर चले सामने दिखाए ।
पड़े अंधकार में नहीं दिखा उजाला ।
कल्पना किए साकार भी ।
हानि -लाभ से जोड़े ।
लालच दिए जो चाहो बताओ ।
गर जीवन का न उतरा माला ।
कबीरा ने कहा सूर भी बोले ।
साधु ,सन्त ,ऋषि ,मुनि अनगिनत ।
जन्म, पुर्नजन्म ,बहु जन्म से जोड़े ।
उज्जवल न कर सके जीवन काला ।
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