पता :- तमनार ,रायगढ़ (छत्तीसगढ़ )
वर्तमान पता :- सम्बलपुर ओड़िशा
विषय :- जीवन का महत्व
विधा :- कविता (मुक्त छंद )
अलंकार :- परिसंख्या अलंकार
जिंदगी हमेशा कुछ, नया सिखाती है l
कभी हंसाती है तो कभी रुलाती है l।
कभी मीठे ख्वाब तो , कभी कड़वी सच्चाई दिखाती है l
हमेशा एक नया, सबक सिखाती है l।
रिश्तो के बंधन में,हम खो से जाते हैं l
भीड़ में खुद को, कभी अकेले पाते हैं l।
किसी का प्यार,आंखें छलका देता है l
किसी का तकरार,पलके झपका देता है।।
कभी प्यार जीने की वजह
देता है l
तो जुदाई तन्हाई से सबक लेता है।।
कभी इतना दर्द होता है, कि
हमें नींद नहीं आती है l
कभी खुशियाँ हमसे नींद चुराती है।।
कभी यह सोच कर उदास हो जाते हैं, कि हमें कुछ मिला नहीं l
तो कभी यह सोचते रह जाते है, जो मिला उसे सहेजा नही।।
हर पल कुछ पाने की इच्छा,कुछ खोने का डर है l
सपने अपने पर सुनी सी डगर है।।
यह कैसी जिंदगी, जो एक सवाल है l
ना समझ सकी जीवन को मैं,बस यही मलाल है।।
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