निवास-बायरन बाजार,रायपुर ।
जिला-रायपुर,छत्तीसगढ़ ।
शीर्षक:-"शीतलता " ।
विधा:- मुक्त ।
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●●●||•शीतलता •||●●●
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जहां पर शीतलता,है होती---
वह जगह, मनोहारी है बनती ,
सुखद पलों की होतीअनुभूति ,
और वातावरण में,खुशियाँ होती ।
वाणी में,अक्सर हो मधुरता--
और रहे शीतलता की सुन्दर तान,
अपने और परायों को भी--
ला देती है, नजदीकियाँ--।
मौसम की,नजाकत को देखो--
वर्षा ऋतु के,तुरंत बाद--
आ जाती है,गुलाबी शीत ऋतु,
चहुँओर शीतलता भरी --
बयार ,कैसी है,छा जाती--।
शीतलता-भरा वातावरण--
लाता,स्वस्थता-सम्पन्नता का मौसम,
मानसजनों में,फलदायक है होता ,
तंदुरुस्ती के लिए,मौसमी फलों को है लाता ।
शीत ऋतु की शीतलता---
अक्सर,ठण्डे इलाकों में,अपना ,
बर्फीला कहर है,बरफाता--
शाल-दुशाला व स्वेटरों की,फिर--
लोगों में,माँग है,बढ़ जाती --।
शशीधर ,रजनी की होती बेला ---
चाँदनी की,अनुपम छटा को बिखेरा,
काल-रात में,जुगनुओं का,हो डेरा ,
शीतलता होती जहाँ,हो इनका बसेरा।
शीतल पेय,मन को,तृप्ति है देता--
और शीतलता,तन-मन को है देता,
और मन,प्रफुल्लित हो उठता,व--
शरीर में,स्फूर्ति-ताजगी को लाता--।
लोग,अतिशीतलता की चाहत में---
ए-सी ,कुलर की,हवा हैं लेते--
ग्लोबल वार्मिंग के,प्रभाव ने--
शीतलता के बदले,उष्णता है लाई ।
÷÷÷÷÷÷÷÷••••••••••••÷÷÷÷÷÷÷व्याख्या:-उपरोक्त रचना के माध्यम से यह कहना चाहता हूँ कि मानव जाति के लिए "शीतलता "का महत्व बढ़ गया है ।कामयाब जीवन शैली के लिए उपयोगी सिद्ध हुआ है ।
=======मौलिक-प्रस्तुति ======
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