स्थान- बनाई तमनार, रायगढ़
विधा- कविता
शीर्षक - "तिरंगा"
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तीन रंग का झंडा अपना,
देता गवाही
भारत की गणतंत्रता का
भारत की स्वतंत्रता का
स्वतंत्रता मिले बरसों हुए
गणतंत्र बने अरसों हुए
पर ना बदले समाज का चेहरा
आईना दिखाता जमाने का
तीन रंग का झंडा अपना,
देता गवाही
भारत की गणतंत्रता का
भारत की स्वतंत्रता का
हम भूले हैं उन बलिदानों को
उन महान शहीदों को
15 अगस्त और 26 जनवरी
याद कर लेते हैं।
नारे लगा कर गीत गुनगुना लेते हैं
मानो लगता है दिल बहलाने का
तीन रंग का झंडा अपना
देता गवाही
भारत के गणतंत्रता का
भारत की स्वतंत्रता का
वह खून की लहरें
गणतंत्र बनाने मन की हिलोरे
ना जाने कितनों ने प्राण तजे
कितने दिन रात जगे
फिर भी हद है हम बेशर्मों का
तीन रंग का झंडा अपना
देता गवाही
भारत की गणतंत्रता का
भारत की स्वतंत्रता का।
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