Monday, October 12, 2020

बलौदाबाजार से लीलाधर कुम्हार की रचना- युवा

रचनाकार - लीलाधर कुम्हार
जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)
विधा - छंद मुक्त कविता 
शीर्षक - युवा मस्ताने
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        //  युवा मस्ताने  //

देश-धर्म की लाज बचाने ।
कमर कसो युवा मस्ताने ।।
             तुम भारत के लाल हो ।
             जलती हुई मशाल हो ।।
ऋषि-मुनियों की हो संतान ।
राष्ट्र   के   प्रहरी    जवान  ।।
             वीर सपूतों ! सीना तानो ।
             अपने को नरकेसरी जानो ।।
फौलादी  बाहों   का   बल ।
कर सकती है उथल-पुथल ।।
              पौरुष को तुम जीवंत प्रतिमा ।
              ओज तेज की कोई न सीमा ।
लाओ रक्त में गरम उबाल ।
तुम   अवतारी  महाकाल ।।
           रखो  हौसला  बुलंद  प्यारे ।
           उद्यम - साहस के ही सहारे ।।
खा-पीकर के  मौज   उड़ाना ।
यह विचार हर्गिज नहीं लाना ।।
           उच्चादर्शों  पर  ही  चलना ।
           तुच्छ विकारों में मत पड़ना ।।
संयम  सदाचार  अपनाओ ।
मानवता की शान बढ़ाओ ।।
           त्याग शील का पाठ पढ़ो ।
           निर्भय होकर आगे बढ़ो ।।
खूब   करो  सेवा - सत्कर्म ।
यही सफल जीवन का मर्म ।।
            उत्तम  चरित्र ही पूँजी है ।
            महान बनने की कुंजी है ।।
बनकर मीरा ध्रुव प्रह्लाद ।
करो   ईश्वर  से  संवाद ।।
         सत्य सनातन धर्म न छोड़ो ।
         इसी राह पर सबको मोड़ो ।।
प्रचण्ड आत्मविश्वास जगाओ ।
नौजवान कुछ करो-दिखाओ ।।
           देख रो  रही  भारत माता ।
            भूल गए क्या उनसे नाता ??
आयातित पाश्चात्य 'कल्चर' ।
निगल रही है सुरसा बनकर ।।
            भोगवाद  की   काली छाया ।
           सबको अपने जाल फँसाया ।।
निष्फल कर दो उनकी चाल ।
जागो , उठो हिन्द के लाल ।।
          तन मन धन कुर्बान करो ।
          देश के लिए जिओ मरो ।।
जय जवान की गूँजे नारा ।
प्यारा  हिंदुस्तान हमारा ।।
          भारत  का   हो  शंखनाद ।
          सारी दुनिया मे फिर आज ।।
स्वर्ण -चिरैया  चहक उठे ।
दुल्हन - सी  धरती सजे ।।
           बहे सतत दूध की नदियाँ ।
          चले राष्ट्र-प्रगति की नैया ।।
प्राचीन वैभव पुनः मिले ।
सर्वोदय का पुष्प खिले ।।
          अमर रहे भारत की शान ।
          विश्वगुरु का पद सम्मान ।।
दुनिया का सिरमौर कहाये ।
बन गुलाब महके मुस्काये ।।
            राम राज्य  की  हो  सरकार ।
           यह तो जन्म सिद्ध अधिकार ।।
सच्चे अर्थों मे आजादी ।
तभी मिलेगा मेरे साथी ।।
           बोलो जय हिंद वंदेमातरम ।
           तरुण  आपका   स्वागतम् ।।

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