Monday, October 12, 2020

बिलासपुर से सावित्री यादव "सावि " की रचना- जाने वो कैसा?

विषय _मुक्त 
रचनाकार _सावित्री यादव "सावि "
              बिलासपुर  छ .ग.           
शीर्षक -जाने वो कैसा  है |

जाने वो कैसा है सोचती हूँ ऐसा है नहीं वैसा है  |
जाने वो कैसा है कभी रुला देता है कभी हँसा देता है  |
कभी लगता पेपरवाहा  है कभी लगता जिम्मेदार है  |

कभी बातो मे उलझाता  है कभी प्यार से समझाता  है |
जाने वो कैसा है सोचती हूँ ऐसा है नहीं वैसा है |
कभी जान लुटाता है कभी जान निकाल लेता है |
प्यार बहुत जताता है मुझे बहुत सताता m है 

इतना तो है दिल का साफ है |
तभी उसकी सारी खाताये  माफ़ है |
मुझे लगता वो अपना सा है 
जैसा भी है मेरा दिल मे बसता है 
जाने वो कैसा है सोचती हूँ  ऐसा है नहीं वैसा  है |

कभी बात मान लेता है तो कभी दिल तोड़ देता है |
कभी प्यार इतना की  यकीन नहीं होता  |
कभी बेरुखी इतनी की जीना मुश्किल |
समझ  नहीं आता  उसका प्यार कैसा है |
जाने वो कैसा है सोचती हूँ ऐसा है  नहीं वैसा है |

जैसा भी है अपना  है बस  लगता है अपने जैसा है |
दिल मे बाते छुपाता है पर अपना है ये एहसास करवाता है |
हाँ  वो अपने जैसा है मुझे वो समझता है |
थोड़ा मासूम  है थोड़ा -थोड़ा सा चंचल  है |
जाने वो कैसा है  सोचती हूँ ऐसा है नहीं  वैसा है |

रचनाकार _ सावित्री यादव " सावि "
                बिलासपुर छ.ग.

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