स्थान-नवापाराखुर्द/सक्ति
जिला-जांजगीर -चाम्पा/छत्तीसगढ
विधा-आलेख
विषय-समाचार पत्र
शीर्षक- समाचार पत्रों की उपयोगिता कम नहीं
दिनों दिन समाचार पत्रों की उपयोगिता बढ़ रही है उसी प्रकार विभिन्न प्रकार के समाचार पत्रों की छपाई में वृद्धि हो रही है । पहले कुछ ही सामाचार पत्र होते थे आज गिनती कर पाना संभव नहीं है ।नव भारत, दैनिक भास्कर,दैनिक जागरण ,हरि भूमि, इण्डिया टुडे, पायनियर, देशबन्धु, पत्रिका,आदि आदि ।
आज व्यक्ति के जीवन में समाचार भोजन की तरह हो गया है ,प्रात: उसका ध्यान समाचार पत्र की ओर होता है सुबह वह देश विदेश आसपास की घटनाओं को जान लेता है तभी उसे राहत महसूस होता है समाचार पत्र में विभिन्न कालम होते हैं फिल्मी दुनियां से लेकर कृषि तक के समाचार उसको प्राप्त हो जाते है ।सुने हुए मौखिक खबरों की सत्यापन भी वह करता है । कहानी, कविता,आलेख संस्मरण सब कुछ समाचार पत्रों में पढ़ने को मिल जा रहे हैं ।
आज समाचार के कई साधन हो गए हैं जिनसे हमें समाचार चलते फिरते प्राप्त हो जाते हैं । और जिसका उपयोग दैनिक जीवन में कर रहे हैं । आज मानव के विकास एवं जन जागरण लाने के लिए इसकी महत्व पूर्ण भूमिका है आओ हम इससे और जुड़े और दुसरों को को भी प्रेरित करें जिससे मानव जीवन और भी सरल हो जाये ।
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