जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)
विषय - व्यसन
विधा - मुक्त
शीर्षक - व्यसन मुक्त हो देश हमारा
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// व्यसन मुक्त हो देश हमारा //
गूंज उठा है घर - घर नारा ।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा ।।
जागो लोगों करो सुधार ,
आज समय की यही पुकार ,
सादा जीवन उच्च विचार ,
बदलो अपना जीवन धारा ।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा ।।
पान - मसाला गुटखा छोड़ो ,
दारू की बोतल को तोड़ो ,
सट्टा - जुए से मुँह मोड़ो ,
बुरे काम ने सबको मारा ।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा ।।
सिगरेट बीड़ी और गुड़ाखू ,
गांजा चरस अफीम तम्बाकू ,
सेहत के सब दुश्मन - डाकू ,
जिसने लूटा और पछाड़ा ।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा ।।
'कोल्ड ड्रिंग्स' सिर चढ़कर बोला ,
लहर पेप्सी कोकाकोला ,
पीने वाला मूँछ मरोड़ा ,
भोगों का यह भ्रष्ट नजारा ।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा ।।
अण्डे मछली मांस न खाओ ,
शाकाहार की महिमा गाओ ,
धर्म - कर्म की लाज बजाओ ,
नहीं तो जीवन खट्टा - खारा ।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा ।।
बंद करो खर्चीली शादी ,
मौज शौक की पार्टीबाजी ,
धन-दौलत की यह बर्बादी ,
तजो व्यर्थ का बहुत पसारा ।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा ।।
देवी स्वरूपा माता - बहनें ,
कमर कसो फैशन को तजने ,
क्रीम लिपिस्टिक कीमती गहने ,
सतीत्व का आदर्श तुम्हारा ।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा ।।
नशा नाश की जड़ है भाई ,
लुट जाती है सारी कमाई ,
चिंता कलह की आग लगाई ,
चौपट होता जीवन सारा ।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा ।।
सीमित खर्च में काम चलाओ ,
कर्ज - उधार से बचो - बचाओ ,
बचत की आदत को अपनाओ ,
दुःख में सबका बनो सहारा ।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा ।।
सुन्दर सात्विक जीवन जीना ,
चरित्रता की गुदड़ी सीना ,
ईश्वर भक्ति का रस पीना ,
चमकेगा तब भाग्य सितारा ।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा ।।
गूँज उठा है घर - घर नारा ।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा ।।
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