Monday, October 5, 2020

लीलाधर कुम्हार की रचना- व्यसन

रचनाकार - लीलाधर कुम्हार
जिला - बलौदाबाजार (छ. ग.)
विषय - व्यसन
विधा - मुक्त
शीर्षक - व्यसन मुक्त हो देश हमारा
***********************
// व्यसन मुक्त हो देश हमारा //

गूंज उठा है घर - घर नारा ।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा ।।

जागो  लोगों  करो  सुधार ,
आज समय की यही पुकार ,
सादा जीवन उच्च  विचार , 
बदलो अपना जीवन धारा ।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा ।।

पान - मसाला गुटखा छोड़ो ,
दारू की  बोतल  को तोड़ो ,
सट्टा - जुए  से  मुँह  मोड़ो ,
बुरे  काम ने  सबको मारा ।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा ।।

सिगरेट  बीड़ी और  गुड़ाखू ,
गांजा चरस अफीम तम्बाकू ,
सेहत के सब दुश्मन - डाकू ,
जिसने  लूटा और  पछाड़ा ।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा ।।

'कोल्ड ड्रिंग्स' सिर चढ़कर बोला ,
लहर    पेप्सी    कोकाकोला ,
पीने   वाला    मूँछ    मरोड़ा ,
भोगों का  यह  भ्रष्ट  नजारा ।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा ।।

अण्डे मछली मांस न खाओ ,
शाकाहार की महिमा गाओ ,
धर्म - कर्म की लाज बजाओ ,
नहीं तो जीवन खट्टा - खारा ।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा ।।

बंद  करो  खर्चीली  शादी ,
मौज शौक की पार्टीबाजी ,
धन-दौलत की यह बर्बादी ,
तजो व्यर्थ का बहुत पसारा ।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा ।।

देवी   स्वरूपा   माता - बहनें ,
कमर कसो  फैशन  को तजने ,
क्रीम लिपिस्टिक कीमती गहने ,
सतीत्व  का  आदर्श  तुम्हारा ।
व्यसन मुक्त  हो  देश हमारा ।।

नशा  नाश  की जड़ है भाई ,
लुट  जाती  है  सारी कमाई ,
चिंता कलह की आग लगाई ,
चौपट  होता  जीवन  सारा ।
व्यसन मुक्त हो देश हमारा ।।

सीमित  खर्च में काम चलाओ ,
कर्ज - उधार से बचो - बचाओ ,
बचत की आदत को अपनाओ ,
दुःख  में  सबका  बनो सहारा ।
व्यसन  मुक्त हो  देश हमारा ।।

सुन्दर सात्विक जीवन जीना ,
चरित्रता  की  गुदड़ी  सीना ,
ईश्वर  भक्ति का  रस  पीना ,
चमकेगा तब भाग्य  सितारा ।
व्यसन मुक्त  हो  देश हमारा ।।

गूँज  उठा  है घर - घर नारा ।
व्यसन  मुक्त हो देश हमारा ।।

          ---#---#---#---

No comments:

Post a Comment

दुर्ग से प्रिया गुप्ता की रचना- चाहत

कवि-प्रिया गुप्ता जिला- दुर्ग राज्य-छत्तीसगढ़ शीर्षक-चाहत विधा-काव्य संपर्क-7974631528  दीवानगी दीवानों की वफ़ा है दोस्तो   काति...